शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ पार्थसारथये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपपार्थ-सारथी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
पार्थ (अर्जुन) के सारथी (रथ हाँकने वाले) को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन में सही मार्गदर्शन
विस्तृत लाभ
जीवन में सही मार्गदर्शन
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ साधकोत्तमसर्वस्वायै नमः
न मे द्वेषरागौ न मे लोभमोहौ... चिदानन्दरूपः शिवोऽहम् शिवोऽहम्॥
ॐ जगन्नाथाय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं पातु मे ग्रीवां स्कन्धं मे श्रीं सदाऽवतु। (स्वरूप: श्रीं ह्रीं स्वरूपा | लाभ: गर्दन और कंधों की रक्षा | अर्थ: देवी मेरी ग्रीवा और स्कंध की रक्षा करें) 8
एकदन्तं महाकायं तप्तकाञ्चनसन्निभम् । लम्बोदरं विशालाक्षं वन्देऽहं गणनायकम् ॥
ॐ ललाटं राधिका तथा।