शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ पूष्णे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपोषणकर्ता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जगत का पोषण करने वाले देव को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
धन-धान्य और जीविका की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
धन-धान्य और जीविका की प्राप्ति।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सुवर्णवेष्टितं चाङ्गे लक्ष्मीमन्त्रं शतक्रतो। तस्यायुषो भवेद् वृद्धिः सर्वत्र विजयी महान्॥
ॐ श्रीं बं सौघ बलवर्धनाय बालेश्वराय रुद्राय फट् ॐ
महो अर्णः सरस्वती प्रचेतयति केतुना। धियो विश्वा विराजति॥
ॐ कदम्बपुष्पसन्तोषायै नमः
ॐ हरये नमः
या श्रीः स्वयं सुकृतिनां भवनेष्वलक्ष्मीः पापात्मनां कृतधियां हृदयेषु बुद्धिः। श्रद्धा सतां कुलजनप्रभवस्य लज्जा तां त्वां नताः स्म परिपालय देवि विश्वम्॥ 18