शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ प्रभवाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
उत्पत्ति के मूल केंद्र
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
नए व्यापार या विद्या के आरंभ में सफलता
विस्तृत लाभ
नए व्यापार या विद्या के आरंभ में सफलता 80
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अनङ्गरङ्गमङ्गलप्रसङ्गभङ्गुरभ्रुवां सविभ्रमससम्भ्रमदृगन्तबाणपातनैः। निरन्तरं वशीकृतप्रतीतनन्दनन्दने कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
जय श्री कृष्ण चैतन्य प्रभु नित्यानन्द श्री अद्वैत गदाधर श्रीवासादि गौर भक्त वृन्द
ॐ कस्तूरीपूजकप्रियायै नमः
देवगणार्चितसेवितलिङ्गं भावैर्भक्तिभिरेव च लिङ्गम्। दिनकरकोटिप्रभाकरलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ॐ जामदग्निजाय नमः
ॐ गिरिजात्मजाय नमः