शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ प्राणायामपरायणाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपयोग-निपुण
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
प्राणायाम और योग में निपुण भगवान को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
श्वासों पर नियंत्रण और योग-सिद्धि
विस्तृत लाभ
श्वासों पर नियंत्रण और योग-सिद्धि।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
गुरु गृह गए पढ़न रघुराई। अलप काल विद्या सब आई॥
ॐ लङ्कापुरविदाहकाय नमः
ॐ दैत्यघ्नाय नमः।
ॐ श्रीं ह्रीं पातु मे ग्रीवां स्कन्धं मे श्रीं सदाऽवतु। (स्वरूप: श्रीं ह्रीं स्वरूपा | लाभ: गर्दन और कंधों की रक्षा | अर्थ: देवी मेरी ग्रीवा और स्कंध की रक्षा करें) 8
ॐ प्रमोदाय नमः
मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं। प्रियं शङ्करं सर्वनाथं भजामि॥