श्रीराम मंत्र
ॐ रसज्ञाय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो समस्त आध्यात्मिक रसों (शृंगार, वीर, वात्सल्य आदि) के ज्ञाता हैं, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
जीवन में रस, आनंद और कलात्मकता की वृद्धि
नीरसता (उदासी) का पूर्ण नाश
विस्तृत लाभ
जीवन में रस, आनंद और कलात्मकता की वृद्धि; नीरसता (उदासी) का पूर्ण नाश।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
आर्द्रां यः करिणीं यष्टिं सुवर्णां हेममालिनीम्। सूर्यां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥
ऊर्ध्वे महाकाल भैरवाय नमः ऊर्ध्वे मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ रसाय नमः
त्वं वाङ्मयस्त्वं चिन्मयः ॥ त्वमानन्दमयस्त्वं ब्रह्ममयः ॥ त्वं सच्चिदानन्दाऽद्वितीयोऽसि ॥ त्वं प्रत्यक्षं ब्रह्मासि ॥ त्वं ज्ञानमयो विज्ञानमयोऽसि ॥
कृपां कुरु जगन्मातर्मामेवं हततेजसम्। गुरुशापात्स्मृतिभ्रष्टं विद्याहीनं च दुःखितम्॥
ॐ दुर्गभीमायै नमः