शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ सर्वज्ञाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपसर्वज्ञ
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो तीनों कालों की प्रत्येक बात का पूर्ण ज्ञान रखते हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
ज्ञान
विस्तृत लाभ
ज्ञान
जप काल
विद्यारंभ
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पादौ सौभद्रिका पातु।
ॐ रविकोट्युदयप्रभाय नमः
ॐ विश्वशक्त्यै नमः
ख्फ्रेँ ख्फ्रीँ चण्डे चण्डचामुण्डे ह्रीँ हूँ स्त्रीँ छ्रीँ विच्चे घोरे महामदोन्मनि क्लीँ ब्लूँ गुह्येश्वरि ॐ परानिर्वाणे ब्रह्मरूपिणि ॐ फ्रेँ फ्रेँ सिद्धिकरालि आप्यायिनि नवपञ्चचक्रनिलये घोराट्टराविणि कलासहस्रनिवासिनि खँ खँ खँ ह्सौँ फ्रेँ अवर्णेश्वरि प्रकृत्यपर शिवनिर्वाणदे ख्फ्रेँ स्वाहा॥
ॐ सत्याय नमः
ॐ कङ्कालिने नमः।