शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ सर्वसुन्दराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारयुगल-नाम मन्त्र; ये मन्त्र गोलोक धाम के अधिष्ठाता श्री राधा-कृष्ण के संयुक्त लीला-माधुर्य का प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपमदन-मोहन
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सम्पूर्ण चराचर जगत् में सबसे सुन्दर (मदन-मोहन) को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
व्यक्तित्व के आकर्षण हेतु
विस्तृत लाभ
व्यक्तित्व के आकर्षण हेतु
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
अशेषहावभावधीरहीरहारभूषिते प्रभूतशातकुम्भकुम्भकुम्भकुम्भसुस्तनि। प्रशस्तमन्दहास्यचूर्णपूर्णसौख्यसागरे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥
ॐ कराल-वदनां घोरां मुक्त-केशीं चतुर्भुजाम्। कालिकां दक्षिणां दिव्यां मुण्ड-माला विभूषिताम्। सद्यः-छिन्न-शिरः-खड्ग-वामाधोर्ध्व-कराम्बुजाम्। अभयं वरदञ्चैव दक्षिणोर्ध्वाधः-पाणिकाम्॥
देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥
ॐ संसारभयतः पातु मृत्योर्मृत्युर्-नृकेसरी
ॐ वकारसुखकलासंस्थाय नमः
ॐ रघुपुङ्गवाय नमः