शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ सीतारामपादुकासेवायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपचरण-सेवक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
श्री राम और माता सीता के चरणों (पादुकाओं) की नित्य सेवा में तत्पर रहने वाले।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ पद्मोद्भवायै नमः
सिन्दूराभमिभाननं त्रिनयनं च पाशाङ्कुशौ बिभ्राणं मधुमत्कपालमनिशं साद्विन्दुमौलिं भजे । पुष्ट्या श्लिष्टतनुं ध्वजाग्रकरया पद्मोल्लसद्धस्तया तद्योन्याहितपाणिमात्तवसुमत पात्रोल्लसत्पुष्करम् ॥
नमो भगवते उग्र भैरवाय सर्वविघ्ननाशाय ठः ठः स्वाहा।
ॐ सुब्रह्मण्याय नमः
ॐ पद्मनाभसहोदर्यै नमः
ॐ नीलवस्त्रधराय नमः