श्रीराम मंत्र
ॐ शाश्वताय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो सनातन हैं और जिनका कभी क्षय (नाश) नहीं होता।
इस मंत्र से क्या होगा?
इन 108 मंत्रों का शृंखलाबद्ध पाठ शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है
दरिद्रता व नकारात्मकता का नाश करता है
और अंततः वैकुण्ठ की प्राप्ति सुनिश्चित करता है
विस्तृत लाभ
इन 108 मंत्रों का शृंखलाबद्ध पाठ शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है; दरिद्रता व नकारात्मकता का नाश करता है; और अंततः वैकुण्ठ की प्राप्ति सुनिश्चित करता है।
जप काल
नित्य प्रातः या गोधूलि वेला में, तुलसी या रुद्राक्ष की माला से अनुष्ठानिक पाठ।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ गजाननाय हुं
ॐ परात्पराय नमः
ॐ श्रीधराय नमः
काली कराली च मनोजवा च सुलोहिता या च सुधूम्रवर्णा। स्फुलिङ्गिनी विश्वरुची च देवी लेलायमाना इति सप्त जिह्वाः॥
य इदं कवचं श्रीदं पठेद्विष्णुप्रियात्मकम्। त्रैलोक्यं विजितं तेन येन वा धारितं भवेत्॥
सुवर्णमालिकाञ्चितत्रिरेखकम्बुकण्ठगे त्रिसूत्रमङ्गलीगुणत्रिरत्नदीप्तिदीधिते। सलोलनीलकुन्तलप्रसूनगुच्छगुम्फिते कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥