शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ श्रीहरिप्रियायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
श्री हरि विष्णु को सर्वाधिक प्रिय देवी को नमन।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ परमपुरुषाय नमः
विद्याः समस्तास्तव देवि भेदाः स्त्रियः समस्ताः सकला जगत्सु। त्वयैकया पूरितमम्बयैतत् का ते स्तुतिः स्तव्यपरा परोक्तिः॥
जो शांत भाव से सह्याद्रि (और महेंद्र) पर्वत पर निवास करते हैं, उन्हें नमस्कार। (लाभ: जीवन में स्थिरता और भूमि-लाभ) 19।
यस्य स्मरणमात्रेण जन्मसंसारबन्धनात् विमुच्यते
ॐ वीरवराग्रगाय नमः
ॐ अनेकविभवे नमः।