श्रीकृष्णः शरणं मम
श्रीकृष्णः शरणं मम
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
इस मंत्र का अर्थ
भगवान श्रीकृष्ण ही मेरा एकमात्र आश्रय (रक्षक) हैं 15।
इस मंत्र से क्या होगा?
त्रिविध तापों का नाश, भगवद्-आश्रय की अगाध दृढ़ता, पापों से मुक्ति और संसार के भयों (विशेषकर यम का भय) से रक्षा
विस्तृत लाभ
त्रिविध तापों का नाश, भगवद्-आश्रय की अगाध दृढ़ता, पापों से मुक्ति और संसार के भयों (विशेषकर यम का भय) से रक्षा 15।
जप काल
पुष्टिमार्ग में 'ब्रह्मसम्बन्ध' दीक्षा के पश्चात् अष्टयाम सेवा के दौरान इसका निरन्तर स्मरण किया जाता है।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ स्वयम्भुवे नमः
पूर्वे असितांग भैरवाय नमः पूर्वे मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ ऐं ऐं मनो वाञ्छित सिद्धये ऐं ऐं ॐ
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये कालान्तकात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ सर्गस्थित्यन्तकारिण्यै नमः
रक्षत्वसौ माध्वनि यज्ञकल्पः स्वदंष्ट्रयोद्धृतधरो वराहः