शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ श्रीमते नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
हमेशा श्री (लक्ष्मी) से युक्त रहने वाले
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
अपार और स्थिर धन-संपत्ति
विस्तृत लाभ
अपार और स्थिर धन-संपत्ति 80
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ शृतं मे मा प्रहासीः अनेनाधीतेनाहोरात्रान्सन्दधामि ऋतं वदिष्यामि सत्यं वदिष्यामि। तन्मामवतु तद्वक्तारमवतु अवतु मामवतु वक्तारमवतु वक्तारम्। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः॥
ॐ तृणीकृततृणावर्ताय नमः
ॐ सर्ववन्द्याय नमः
सिद्धगन्धर्वयक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि। सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी॥
ॐ रामकथालोलाय नमः
मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं। प्रियं शङ्करं सर्वनाथं भजामि॥