सुदर्शन गायत्री मंत्र
ॐ सुदर्शनाय विद्महे महाज्वालाय धीमहि तन्नो चक्रः प्रचोदयात्।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
हम महाज्वाला स्वरूप सुदर्शन चक्र का ध्यान करते हैं; वे हमारी बुद्धि को सन्मार्ग पर प्रेरित करें।
इस मंत्र से क्या होगा?
शत्रुओं, काले जादू (Black Magic) और अदृश्य नकारात्मक ऊर्जाओं से पूर्ण सुरक्षा
विस्तृत लाभ
शत्रुओं, काले जादू (Black Magic) और अदृश्य नकारात्मक ऊर्जाओं से पूर्ण सुरक्षा 25।
जप काल
ग्रहण काल या विपत्ति के समय।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
हस्तीन्द्राननमिन्दुचूडमरुणच्छायं त्रिनेत्रं रसात् आलिष्टं प्रियया सपद्मकरया स्वाङ्कस्थया सन्ततम् । बीजपूर गदेक्षु कार्मुकलसच्चक्राब्ज पाशोत्पल व्रीह्यग्रस्वविषाण रत्नकलशान् हस्तैर्वहन्तं भजे ॥
ॐ क्षुद्रघण्टायै नमः
ॐ शचीमाङ्गल्यरक्षकाय नमः
तब जनक पाइ बसिष्ठ आयसु ब्याह साजि सँवारि कै। मांडवी श्रुतकीरति उरमिला कुँअरि लईं हँकारि कै॥
ॐ दुर्गमज्ञानसंस्थानायै नमः
ॐ यज्ञवराहाय नमः