शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ सुरराज्यप्रदः पातु पादौ मे नृहरीश्वरः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपचरण / नृहरीश्वर
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
देवों को उनका राज्य लौटाने वाले मेरे पैरों की रक्षा करें। (जीवन में सही दिशा की ओर गमन)।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ गोपगोपीश्वराय नमः
ॐ प्रतापवते नमः
ॐ पद्मसुन्दर्यै नमः
ॐ वरिष्ठायै नमः
नमस्ते परमेशानि रासमण्डलवासिनी। रासेश्वरि नमस्तेऽस्तु कृष्ण प्राणाधिकप्रिये॥
बिभ्राणः शुक बीजपूर कमलं माणिक्यकुम्भं अङ्कुशं पाशं कल्पलतां च खड्ग विलसत् ज्योतिः सुधानिर्झरः । श्यामेनात्त सरोरुहेण सहितो देवीद्वयेनान्तिके गौराङ्गो वरदान हस्त कमलो लक्ष्मीगणेशोऽवतात् ॥