शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने हेतु मंत्र
तब जनक पाइ बसिष्ठ आयसु ब्याह साजि सँवारि कै। मांडवी श्रुतकीरति उरमिला कुँअरि लईं हँकारि कै॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसम्पुट मंत्र / काम्य उपासना मंत्र।
स्वरूपविवाह-मंडप में उपस्थित राम-सीता व परिजन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पुत्र या पुत्री के विवाह में हो रहे अनुचित विलंब को दूर कर सुयोग्य जीवनसाथी की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
पुत्र या पुत्री के विवाह में हो रहे अनुचित विलंब को दूर कर सुयोग्य जीवनसाथी की प्राप्ति 12।
जप काल
अनुष्ठान के रूप में, दीपक प्रज्वलित कर रुद्राक्ष या तुलसी की माला से।
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