शिव गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
हम उस महान पुरुष को जानते हैं, उस महादेव का ध्यान करते हैं। वह रुद्र देव हमारी बुद्धि को सत्य मार्ग पर प्रेरित करें 16।
इस मंत्र से क्या होगा?
उच्च बौद्धिक क्षमता, मानसिक स्पष्टता (Mental Clarity), अज्ञान का नाश और सुरक्षा का भाव
विस्तृत लाभ
उच्च बौद्धिक क्षमता, मानसिक स्पष्टता (Mental Clarity), अज्ञान का नाश और सुरक्षा का भाव 12।
जप काल
प्रातःकाल सूर्योदय के समय, ध्यान-साधना से पूर्व स्फटिक माला से जप।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ गुहान्तस्थायै नमः
द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्यं यः पठेन्नरः। आयुरारोग्यमैश्वर्यं तस्य पुण्यफलप्रदम्॥
आलिङ्ग्य देवीं हरितां निषण्णां परस्परश्लिष्ट कटौ निविश्य । सन्ध्यारुणं पाशसृणीं वहन्तं भयापहं शक्ति गणपतिमीडे ॥
अग्रतश्चतुरो वेदान् पृष्ठतः सशरं धनुः। उभाभ्यां च समर्थोऽहं शापादपि शरादपि॥
ॐ शचीनाथचतुर्वक्त्रदेवदैत्याभिवन्दिताय नमः
ॐ ब्रह्मविद्यायै नमः