शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ वेदगर्भाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवेद-ज्ञानी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वेदों को अपने भीतर (गर्भ में) धारण करने वाले को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
श्रुति और स्मृति शास्त्रों का स्वतः स्फुरण
विस्तृत लाभ
श्रुति और स्मृति शास्त्रों का स्वतः स्फुरण।
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ॐ परमन्त्रनिराकर्त्रे नमः
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये द्वादशादित्याः तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ घनश्यामाय नमः
हुं नमो भगवते महाकाल भैरवाय कालाग्नितॆजसे अमुक शत्रुं मारय-मारय पोथय-पोथय हुं फट् स्वाहा।
ॐ धर्मनिलयायै नमः
ॐ क्लीं कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजनवल्लभाय पराय परमपुरुषाय परमात्मने परकर्म-मन्त्र-यन्त्र-तन्त्र-औषधास्त्र-शस्त्राणि संहर संहर मृत्योर्मोचय मोचय...