श्रीराम मंत्र
विष्णवे जिष्णवे महाविष्णवे प्रविष्णवे महेश्वराय
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
मैं उन विजयी, सर्वव्यापी, महेश्वर और दैत्यों का अंत करने वाले पुरुषोत्तम विष्णु को नमन करता हूँ।
इस मंत्र से क्या होगा?
विरोधियों पर अंतिम विजय और सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों का ध्वंस
विस्तृत लाभ
विरोधियों पर अंतिम विजय और सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों का ध्वंस 3।
जप काल
श्री विष्णु सहस्रनाम के अनुष्ठान से पूर्व।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय उत्तर मुखे। आदि वराहाय सकल संपत्कराय स्वाहा॥
ॐ अच्युताय नमः
ॐ यदूद्वहाय नमः
पञ्चमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च। सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम्॥ नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः।
ॐ ह्रीं जिह्वाग्रवासिन्यै स्वाहाऽग्निदिशि रक्षतु। (अर्थ: जिह्वाग्र में बसने वाली देवी आग्नेय कोण में रक्षा करें) 8
ॐ पराकाशाय नमः