शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
ॐ यज्ञमयाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र (Nama-Mantras)।
स्वरूपयज्ञ-पुरुष
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो समस्त यज्ञों के स्वरूप हैं 70।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
समस्त कर्मों की सिद्धि
विस्तृत लाभ
समस्त कर्मों की सिद्धि
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ दैत्यान्तकाय नमः
ॐ यदूद्वहाय नमः
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥ या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
ॐ जयन्तत्राणवरदाय नमः
ॐ दीर्घतपसे नमः
अहं सोममाहनसं बिभर्म्यहं त्वष्टारमुत पूषणं भगम्। अहं दधामि द्रविणं हविष्मते सुप्राव्ये यजमानाय सुन्वते॥