शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
श्रीराम मंत्र
यः पुस्तकाक्षगुण दण्डकमण्डलु श्रीर्निर्वृत्यमान करभूषणमिन्दुवर्णम् । स्तम्बेरमानन चतुष्टय शोभमानं त्वां संस्मरे द्विजगणाधिपते धन्यः ॥
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
विद्या, ज्ञान, अनुशासन और धर्म के मार्ग पर अडिग रहना
विस्तृत लाभ
विद्या, ज्ञान, अनुशासन और धर्म के मार्ग पर अडिग रहना।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ त्रिगुणायै नमः
ॐ विनीतात्मने नमः
ॐ सर्वदर्शनाय नमः
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥ या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा पूजिता। सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
ॐ ह्रीं बटुकाय मम स्वप्ने दर्शय दर्शय बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
ॐ वकारसुखकलासंस्थाय नमः