शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ अनघाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-जप मन्त्र; ये मन्त्र वासुदेव, बाल-गोपाल, और द्वारकाधीश स्वरूपों का पूर्ण प्रतिनिधित्व करते हैं।
स्वरूपनिर्दोष स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
निष्पाप और निर्दोष भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
चारित्रिक शुद्धि हेतु
विस्तृत लाभ
चारित्रिक शुद्धि हेतु
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
चोदयित्री सूनृतानां चेतन्ती सुमतीनाम्। यज्ञं दधे सरस्वती॥
वायव्ये कपाल भैरवाय नमः वायव्ये मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ त्रिलोकात्मने नमः
ॐ अमितमायाय नमः
ॐ ज्वालामालिने नमः
त्वं वैष्णवी शक्तिरनन्तवीर्या विश्वस्य बीजं परमासि माया। सम्मोहितं देवि समस्तमेतत् त्वं वै प्रसन्ना भुवि मुक्तिहेतुः॥ 36