शिव मंत्र
ॐ भव्याय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो स्वयं भव्य हैं और भविष्य का निर्धारण करते हैं, उन्हें नमस्कार है।
इस मंत्र से क्या होगा?
आने वाले कल को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाने हेतु
विस्तृत लाभ
आने वाले कल को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाने हेतु।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अच्युतायै नमः
ॐ बलानुयायिने नमः
ॐ अव्यग्राय नमः
ख्फ्रेँ ख्फ्रीँ चण्डे चण्डचामुण्डे ह्रीँ हूँ स्त्रीँ छ्रीँ विच्चे घोरे महामदोन्मनि क्लीँ ब्लूँ गुह्येश्वरि ॐ परानिर्वाणे ब्रह्मरूपिणि ॐ फ्रेँ फ्रेँ सिद्धिकरालि आप्यायिनि नवपञ्चचक्रनिलये घोराट्टराविणि कलासहस्रनिवासिनि खँ खँ खँ ह्सौँ फ्रेँ अवर्णेश्वरि प्रकृत्यपर शिवनिर्वाणदे ख्फ्रेँ स्वाहा॥
अगजानन पद्मार्कं गजाननमहर्निशम् । अनेकदन्तं भक्तानाम् एकदन्तमुपास्महे ॥
ॐ ह्रीं क्लीं वाण्यै स्वाहेति मम पृष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: वाणी | लाभ: पीठ और मेरुदंड की रक्षा | अर्थ: वाणी मेरी पीठ की सदा रक्षा करें) 8