शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ चतुर्वर्णाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवेद स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
चारों वेदों के स्वरूप को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
चतुर्वेद ज्ञान व शास्त्रीय प्रज्ञा
विस्तृत लाभ
चतुर्वेद ज्ञान व शास्त्रीय प्रज्ञा।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
बुद्धिविच्छिन्नचैतन्यमेकं पूर्णमथापरम्। आभासत्वपरं बिम्बभूतमेवं त्रिधा चितिः॥
ॐ अक्षराय नमः
ॐ ह्रीं वाग्वादिन्यै स्वाहा नासां मे सर्वतोऽवतु। (स्वरूप: वाग्वादिनी | लाभ: प्राण-वायु और नासिका की रक्षा | अर्थ: वाग्वादिनी नासिका की सभी प्रकार से रक्षा करें) 8
ॐ नमो नारायणाय
ॐ काञ्चनाद्रीकृतागारायै नमः
ॐ विरूपाक्षाय नमः