शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ धुरन्धराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपभार-वाहक
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो ब्रह्मांड के सबसे बड़े धुरंधर (भार उठाने वाले) हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
बड़े और कठिन उत्तरदायित्वों को बिना थके और बिना तनाव के निभाने की क्षमता
विस्तृत लाभ
बड़े और कठिन उत्तरदायित्वों को बिना थके और बिना तनाव के निभाने की क्षमता।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ धूम्रवर्णाय हुं
राजमातां राजलक्ष्मीं राजेष्टफलदायिनीम्। प्रत्यङ्गिरां नमस्यामि सिद्धिलक्ष्मीजयप्रदां॥
कराभ्यां परशुं चापं दधानं रेणुकात्मजं। जामदग्न्यं भजे रामं भार्गवं क्षत्रियान्तकं॥
ॐ बलिभुन्नाथाय नमः।
ज्ञानं देहि स्मृतिं देहि विद्यां देहि देवते। प्रतिष्ठां कवितां देहि शक्तिं शिष्यप्रबोधिकाम्॥
ॐ कृष्णसञ्जीवन्यै राधायै नमः