शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ दुर्गसाधिन्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनामावली मंत्र | जप समय: प्रातः या घोर संकट काल |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो दुर्गम लक्ष्यों को साधने वाली (सिद्ध करने वाली) हैं।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
शरजन्मा गणाधीश पूर्वजो मुक्तिमार्गकृत् । सर्वागमप्रणेता च वाञ्छितार्थप्रदर्शनः ॥
ॐ विजितेन्द्रियाय नमः
ॐ सरस्वत्यै स्वाहेति श्रोत्रं पातु निरन्तरम्। (स्वरूप: सरस्वती | लाभ: कानों, श्रवण-शक्ति व नाद-ग्रहण की रक्षा | अर्थ: सरस्वती मेरे कानों की निरंतर रक्षा करें) 8
ॐ विष्णुपत्न्यै नमः
ऋतं च मेऽमृतं च मेऽयक्ष्मं च मेऽनामयच्च मे...
ॐ अनादिब्रह्मचारिणे नमः