शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ गभस्तये नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपप्रकाशमान
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
सूर्य की रश्मियों के समान प्रकाशमान देव को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन के अंधकार (निराशा) का निवारण
विस्तृत लाभ
जीवन के अंधकार (निराशा) का निवारण।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ नमो भगवते पंचवदनाय पूर्व कपि मुखे। सकल शत्रु संहारणाय स्वाहा॥
ॐ शुचये नमः
ॐ श्रीं नमः। (अथवा 'श्रीं')
ॐ अग्रपूज्याय नमः
ह्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा ओष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: होठों और उच्चारण स्थान की रक्षा | अर्थ: विद्या की अधिष्ठात्री देवी मेरे होंठों की सदा रक्षा करें) 8
ॐ वनमालिने नमः