शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ गहनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपअज्ञेय स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिनकी गहराई कोई न जान सके, उन्हें नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
गहन ध्यान और समाधि की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
गहन ध्यान और समाधि की प्राप्ति।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
त्वं वैष्णवी शक्तिरनन्तवीर्या विश्वस्य बीजं परमासि माया। सम्मोहितं देवि समस्तमेतत् त्वं वै प्रसन्ना भुवि मुक्तिहेतुः॥ 36
ॐ भूतनाथाय नमः।
ॐ पूर्वभाषिणे नमः
ॐ यादवेन्द्राय नमः
ॐ ह्रां ह्रीं ॐ नमो भगवते महा-वीर-वीराय सर्वदुःख निवारणाय ग्रहमण्डल सर्वभूतमण्डल सर्व-पिशाच-मण्डलोच्चाटन भूत-ज्वर एकाहिक-ज्वर द्वयाहिक-ज्वर त्र्याहिक-ज्वर चातुर्थिक-ज्वर संताप-ज्वर विषम-ज्वर ताप-ज्वर माहेश्वर-वैष्णव-ज्वरान् छिन्दि-छिन्दि यक्ष ब्रह्मराक्षस भूत-प्रेत-पिशाचान् उच्चाटय-उच्चाटय स्वाहा।
ॐ सर्वसिद्धिदाय नमः