विद्या और ज्ञान प्राप्ति हेतु मंत्र
गुरु गृह गए पढ़न रघुराई। अलप काल विद्या सब आई॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
श्री रघुनाथजी जब विद्या अध्ययन के लिए गुरु के आश्रम गए, तो अत्यंत अल्प समय में ही उन्हें सम्पूर्ण विद्याएँ प्राप्त हो गईं।
इस मंत्र से क्या होगा?
विद्यार्थियों के लिए एकाग्रता, कुशाग्र बुद्धि-विकास और अल्प समय में उच्च शिक्षा की निर्विघ्न प्राप्ति
विस्तृत लाभ
विद्यार्थियों के लिए एकाग्रता, कुशाग्र बुद्धि-विकास और अल्प समय में उच्च शिक्षा की निर्विघ्न प्राप्ति 11।
जप काल
अनुष्ठान के रूप में, दीपक प्रज्वलित कर रुद्राक्ष या तुलसी की माला से।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कबन्धराशिमध्यगायै नमः
दिग्घस्तिभिः कनककुम्भमुखावसृष्ट स्वर्वाहिनी विमलचारुजलप्लुताङ्गीम्। प्रातर्नमामि जगतां जननीमशेष लोकाधिनाथगृहिणीममृताब्धिपुत्रीम्॥
ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम्। जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥
ऐं क्लीं सौः श्रीं ह्रीं कामेश्वर ह्रीं श्रीं सौः क्लीं ऐं।
ॐ कल्याण्यै नमः
ॐ सुभगायै नमः