भार्गव कवच (इष्ट-निष्ठा)
जामदग्न्यः परं यस्य दैवतं भृत्यवत्सलः। नित्यं परश्वधभृतः कवचस्यास्य धारणात्॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
जो अपने भक्तों पर सदा कृपा करने वाले हैं, वे जमदग्निनंदन ही जिसके परम देवता हैं, और जो नित्य फरसा धारण करने वाले उन प्रभु के इस कवच को धारण करता है... (अगले मंत्र से जुड़ा)।
इस मंत्र से क्या होगा?
इष्ट देव (भगवान परशुराम) का प्रत्यक्ष सान्निध्य और उनकी विशेष कृपा
विस्तृत लाभ
इष्ट देव (भगवान परशुराम) का प्रत्यक्ष सान्निध्य और उनकी विशेष कृपा।
जप काल
नित्य कवच धारण/पाठ।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महापुरुषाय नमः
ॐ पार्वतीप्रियनन्दनाय नमः
मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं। प्रियं शङ्करं सर्वनाथं भजामि॥
ॐ अनेकपार्श्वाय नमः।
ॐ वागधिष्ठातृदेव्यै सर्वाङ्गं मे सदाऽवतु। (स्वरूप: वागधिष्ठात्री | लाभ: संपूर्ण शरीर की आध्यात्मिक और भौतिक रक्षा | अर्थ: वाक् की अधिष्ठात्री देवी मेरे संपूर्ण अंगों की रक्षा करें) 8
ॐ भोक्त्रे नमः