शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ जितषड्वर्गमण्डलाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपविकार-विजेता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जिन्होंने काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद और मत्सर को जीत लिया है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
वैराग्य
विस्तृत लाभ
वैराग्य
जप काल
ध्यान
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
यः पुस्तकाक्षगुण दण्डकमण्डलु श्रीर्निर्वृत्यमान करभूषणमिन्दुवर्णम् । स्तम्बेरमानन चतुष्टय शोभमानं त्वां संस्मरे द्विजगणाधिपते धन्यः ॥
ॐ दिव्याभरणशोभिने नमः।
ॐ षण्मुखाय नमः
ॐ वर्णजपमालाविधायै नमः
ॐ सिंहिकाप्राणभञ्जनाय नमः
मदोन्मदातियौवने प्रमोदमानमण्डिते प्रियानुरागरञ्जिते कलाविलासपण्डिते। अनन्यधन्यकुञ्जराज्यकामकेलिकोविदे कदा करिष्यसीह मां कृपाकटाक्षभाजनम्॥