शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
अरुणा शक्ति मंत्र
ज्मह्रीं (Jmhrīm)
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारतांत्रिक बीज मंत्र
स्वरूपअरुणा शक्ति
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
अरुण वर्णीय शक्तिमयी देवी को प्रणाम।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
आध्यात्मिक तेज, ओज और तेजस्विता की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
आध्यात्मिक तेज, ओज और तेजस्विता की प्राप्ति।
जप काल
प्रातःकालीन न्यास साधना।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
पवन तनय बल पवन समाना। बुधि बिबेक बिग्यान निधाना॥
रक्तो रक्ताङ्गरागां शुक कुसुमायुत तुन्दिलश्चन्द्रमौलिः नेत्रैर्युक्तस्त्रिभिर्वामनकरचरणो बीजपूरं दधानः । हस्ताग्रक्लृप्त पाशाङ्कुश शरवरदो नागवक्त्रो हि भूषो देवः पद्मासनस्थो भवतु सुखकरो भूतये विघ्नराजः ॥
ॐ ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः।
ॐ कृपानिधये नमः
ॐ करमालाकरप्रियायै नमः
ॐ दुर्गमार्गप्रदायै नमः