शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ कलिकल्मषनाशिन्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारआद्या काली नाम-मंत्र
स्वरूपआद्या काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
कलियुग के दोषों और पापों का नाश करने वाली।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
कलियुग के ताप, दोषों और मलिनता से शुद्धि
विस्तृत लाभ
कलियुग के ताप, दोषों और मलिनता से शुद्धि।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
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ॐ प्रभवे नमः
यं ब्रह्मा वरुणेन्द्ररुद्रमरुतः स्तुन्वन्ति दिव्यैः स्तवैः वेदैः साङ्गपदक्रमोपनिषदैः गायन्ति यं सामगाः । ध्यानावस्थिततद्गतेन मनसा पश्यन्ति यं योगिनो यस्यान्तं न विदुः सुरासुरगणा देवाय तस्मै नमः ॥
ॐ भवरोगस्यभेषजाय नमः
ॐ वर्णिनें नमः
श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः। महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा॥
ॐ सागरोत्तारकाय नमः