शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ कपीश्वराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवानरों के स्वामी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
वानरों (सुग्रीव, अंगद आदि) के परम ईश्वर को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ अमृतोद्भवायै नमः
जिन्होंने संपूर्ण पृथ्वी को जीतकर अश्वमेध यज्ञ में महर्षि कश्यप को दान कर दिया, उन पृथ्वी-पति को नमस्कार। (लाभ: संपत्ति एवं राज्याधिकार की प्राप्ति) 19।
ॐ सुधाकलशहस्ताय नमः
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं आपदुद्धारणाय ह्रां ह्रीं ह्रूं अजामिलबद्धाय लोकेश्वराय स्वर्णाकर्षणभैरवाय मम दारिद्र्य विद्वेषणाय महाभैरवाय नमः श्रीं ह्रीं ऐं।
ॐ रत्नसिंहासनासीनाय नमः
ॐ सर्वदेवस्तुताय नमः