शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ कूर्चजपपरायणायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारआद्या काली नाम-मंत्र
स्वरूपआद्या काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
'हूँ' बीज का निरंतर उच्चारण कर असुरों को डराने और जीतने वाली।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
'हूँ' के उच्चारण से आंतरिक दानवों (अहंकार) का दमन
विस्तृत लाभ
'हूँ' के उच्चारण से आंतरिक दानवों (अहंकार) का दमन।
जप काल
नित्य उपासना, शिवरात्रि या अमावस्या की मध्यरात्रि में रुद्राक्ष या मुण्ड माला से जप।
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ॐ अनन्तमूर्तये नमः
नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये चराचरात्मा तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ परमपुरुषाय नमः
ऊर्ध्वे महाकाल भैरवाय नमः ऊर्ध्वे मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।