शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ कृष्णप्रेमाब्धिसभर्यै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम जप मंत्र;
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो कृष्ण प्रेम के सागर से भरी हुई हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
हृदय में करुणा और प्रेम की बाढ़
विस्तृत लाभ
हृदय में करुणा और प्रेम की बाढ़।
जप काल
तुलसी या कमलगट्टे की माला पर जप;
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
वद वद वाग्वादिनी स्वाहा। (अथवा ॐ नमो भगवती वद वद वाग्देवी स्वाहा)
ॐ षडाधाराय नमः।
ॐ इन्दिरायै नमः
ॐ गङ्गासुताय नमः
ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा॥
दुर्गेष्वटव्याजिमुखादिषु प्रभुः पायान्नृसिंहोऽसुरयूथपारिः। विमुञ्चतो यस्य महाट्टहासं दिशो विनेदुर्न्यपतंश्च गर्भाः॥