शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ मत्स्याय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपदशावतार (मत्स्य)
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
मत्स्य अवतार धारण करने वाले भगवान को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जल-यात्रा में सुरक्षा
विस्तृत लाभ
जल-यात्रा में सुरक्षा
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ आह्लादजनन्यै नमः
ॐ सर्वज्ञाय नमः।
ॐ कर्पूरामृतपायिन्यै नमः
ॐ नमो भगवते महोग्र दिग्बन्धन नरसिंहाय ज्वालामुखाय अग्निनेत्राय... हन हन दह दह पच पच बन्ध बन्ध कील कील स्वाहा
ॐ कुमारगुरुवन्द्याय नमः
ॐ श्रीं ह्रीं पातु मे ग्रीवां स्कन्धं मे श्रीं सदाऽवतु। (स्वरूप: श्रीं ह्रीं स्वरूपा | लाभ: गर्दन और कंधों की रक्षा | अर्थ: देवी मेरी ग्रीवा और स्कंध की रक्षा करें) 8