शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ मत्ताय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपआनंद स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
दैवीय आनंद में निमग्न देव को नमस्कार।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
परमानंद की अनुभूति
विस्तृत लाभ
परमानंद की अनुभूति।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महाशक्तये नमः
ॐ देवकीनन्दनाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्णः प्रचोदयात् ॥
अवतु माम् ॥ अवतु वक्तारम् ॥ अवतु श्रोतारम् ॥ अवतु दातारम् ॥ अवतु धातारम् ॥ अवानूचानमव शिष्यम् ॥ अव पश्चात्तात् ॥ अव पुरस्तात् ॥ अवोत्तरात्तात् ॥ अव दक्षिणात्तात् ॥ अव चोर्ध्वात्तात् ॥ अवाधरात्तात् ॥ सर्वतो मां पाहि पाहि समन्तात् ॥
ॐ वेदवेदान्तयज्ञेशं ब्रह्मरुद्रादिवन्दितम्। श्रीनृसिंहं महावीरं नमामि ऋणमुक्तये॥
ॐ कृष्णानन्दप्रदायिन्यै नमः
ॐ साधकोत्तमसर्वस्वायै नमः