शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ नागेन्द्राय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपशेष-शायी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो नागों के राजा (शेषनाग) के साथ अभिन्न रूप से जुड़े हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्प-भय का नाश
02
कुंडली में उपस्थित काल-सर्प जैसे घोर ज्योतिषीय दोषों की शांति
विस्तृत लाभ
सर्प-भय का नाश; कुंडली में उपस्थित काल-सर्प जैसे घोर ज्योतिषीय दोषों की शांति।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ सुभाषिण्यै नमः
ॐ श्री सुब्रह्मण्यस्वामिने नमः
रयिश्च मे रायश्च मे पुष्टं च मे पुष्टिश्च मे...
ॐ महादेवाय नमः
कल्हारांबुज बीजपूरक गदा दन्तेक्षु बाणैः सदा बिभ्राणो मणिकुम्भ शालिकलशौ पाशं च चक्रान्वितम् । गौराङ्ग्या रुचिराविन्दकरया देव्या सदा संयुतः शोणाङ्कुश शुभमातनोतु भजतामुद्दण्डविघ्नेश्वरः ॥
जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥ 17