मेधा-दक्षिणामूर्ति मंत्र
ॐ नमो भगवते दक्षिणामूर्तये मह्यं मेधां प्रज्ञां प्रयच्छ स्वाहा॥
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
भगवान दक्षिणामूर्ति को मेरा नमन, कृपया मुझे मेधा (उत्तम बुद्धि) और प्रज्ञा (गहन अंतर्दृष्टि) प्रदान करें 13।
इस मंत्र से क्या होगा?
छात्रों के लिए स्मरण शक्ति (Memory), प्रज्ञा, बुद्धि और सर्वोच्च आध्यात्मिक विद्या की प्राप्ति
विस्तृत लाभ
छात्रों के लिए स्मरण शक्ति (Memory), प्रज्ञा, बुद्धि और सर्वोच्च आध्यात्मिक विद्या की प्राप्ति 13।
जप काल
गुरुवार प्रातःकाल या अध्ययन आरंभ करने से पूर्व दक्षिण दिशा की ओर मुख करके।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्रीं भीषण भैरवाय सर्व शाप निवारणाय मम वशं कुरु कुरु स्वाहा।
ॐ काञ्चनाद्रीकृतागारायै नमः
ॐ कृष्णप्रेमाब्धिसभर्यै नमः
श्रीं विद्याधिष्ठातृदेव्यै स्वाहा वक्षः सदाऽवतु। (स्वरूप: विद्याधिष्ठात्री | लाभ: हृदय व वक्ष-स्थल की रक्षा | अर्थ: विद्या देवी मेरे वक्ष की रक्षा करें) 8
ॐ धन्विने नमः
ॐ पावन नरसिंहाय नमः