ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकारद्वादशाक्षरी मन्त्र (भागवत महामन्त्र) / मूल मन्त्र / मोक्षदायक मन्त्र
स्वरूपवासुदेव (सर्वव्यापी परब्रह्म श्रीकृष्ण / विष्णु)
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

ॐ, मैं सर्वव्यापी भगवान वासुदेव (जो सबमें वास करते हैं) को अपना सर्वस्व नमस्कार (समर्पण) करता हूँ 14।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

यह मन्त्र आध्यात्मिक प्रगति, सर्वपाप नाश, भगवत्प्राप्ति, आत्मशुद्धि और अन्ततः मोक्ष (जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति) प्रदान करता है

02

इसे सभी मन्त्रों का सार माना गया है

विस्तृत लाभ

यह मन्त्र आध्यात्मिक प्रगति, सर्वपाप नाश, भगवत्प्राप्ति, आत्मशुद्धि और अन्ततः मोक्ष (जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति) प्रदान करता है। इसे सभी मन्त्रों का सार माना गया है 14।

जप काल

नित्य प्रातःकाल स्नान के पश्चात्, तुलसी की माला पर मानसिक या वाचिक जप। ध्रुव एवं प्रह्लाद ने इसी मन्त्र की उपासना की थी 28।

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