शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ पञ्चबाणधराय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपकामदेव स्वरूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो कामदेव के पांच बाणों को भी अपने नियंत्रण में धारण करते हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
काम-वासना पर पूर्ण नियंत्रण
02
काम-ऊर्जा का ओजस (आध्यात्मिक तेज) में रूपांतरण
विस्तृत लाभ
काम-वासना पर पूर्ण नियंत्रण; काम-ऊर्जा का ओजस (आध्यात्मिक तेज) में रूपांतरण।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ मदिराक्ष्यै नमः
ॐ दुर्गसाधिन्यै नमः
उमासहायं परमेश्वरं प्रभुं त्रिलोचनं नीलकण्ठं प्रशान्तम्। ध्यात्वा मुनिर्गच्छति भूतयोनिं समस्तसाक्षिं तमसः परस्तात्॥
ॐ सर्वाद्यायै नमः
ॐ करमालासिद्धिदात्र्यै नमः
वायव्ये कपाल भैरवाय नमः वायव्ये मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।