शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ परशौर्यविनाशनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपशत्रु-दमनकर्ता
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
शत्रुओं के शौर्य, बल और अभिमान को नष्ट करने वाले को नमन।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ह्रीं भैरव भयंकरहर मां रक्ष-रक्ष हुं फट् स्वाहा।
ॐ वृषभासुरविध्वंसिने नमः
ॐ दामोदराय विद्महे रुक्मिणीवल्लभाय धीमहि तन्नो कृष्णः प्रचोदयात्।
दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेषजन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि। दारिद्र्यदुःखभयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकारकरणाय सदार्द्रचित्ता॥ 18
ॐ दक्षाध्वरहराय नमः
ॐ सर्वभूतहितप्रदायै नमः