शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ परतत्त्वाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपरम सत्य
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो वेदांत में वर्णित एकमात्र परम सत्य (परतत्त्व) हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
जीवन और समाज में सत्य, न्याय और धर्म की निर्भीकता से स्थापना
विस्तृत लाभ
जीवन और समाज में सत्य, न्याय और धर्म की निर्भीकता से स्थापना।
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रक्षांसि यत्रोग्रविषाश्च नागा यत्रारयो दस्युबलानि यत्र। दावानलो यत्र तथाब्धिमध्ये तत्र स्थिता त्वं परिपासि विश्वम्॥
शुक्लाम्बरधरं देवं शशिवर्णं चतुर्भुजम् । प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये ॥
ॐ चन्द्रावली पातु गण्डं।
ॐ ह्रीं बटुकाय मम अकाल मृत्यु निवारय निवारय बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा।
श्री राम जय राम जय जय राम