शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ परात्परायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
प्रकारशतनाम मंत्र |
स्वरूपआदिशक्ति भवानी |
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
श्रेष्ठों में भी सर्वश्रेष्ठ (सर्वोच्च सत्ता)
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
विस्तृत लाभ
सर्वांगीण विकास एवं दरिद्रता नाश)
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा ॥
दक्षिणे चंड भैरवाय नमः दक्षिणे मां रक्ष रक्ष काल कंटकान् भक्ष भक्ष आवाहयाम्यहं इत्र तिष्ठ तिष्ठ हुं फट् स्वाहा।
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये विद्या तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
ॐ सुरार्चिताय नमः
ॐ योगानन्द नरसिंहाय नमः
षडाननं चन्दनलेपिताङ्गं महोरसं दिव्यमयूरवाहनम् । रुद्रस्य सूनुं सुरलोकनाथं ब्रह्मण्यदेवं शरणं प्रपद्ये ॥