शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ पार्वतीप्रियनन्दनाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपपार्वतीनंदन
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
माता पार्वती के प्रिय पुत्र को नमन।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
पारिवारिक प्रेम और स्नेह में वृद्धि
विस्तृत लाभ
पारिवारिक प्रेम और स्नेह में वृद्धि।
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प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा॥
ॐ यो वै रामचन्द्रः स भगवान् ये विद्या तस्मै वै नमो नमः भूर्भुवः स्वः
कथं जयेयुर्वीरेन्द्राः कवचैर्नावृताङ्गकाः। प्रयान्ति भीता रामस्य वर्मणा वीक्ष्य रक्षितम्॥
कर्णयुग्मं च कण्ठं च कपालं पातु माधवः । कपोलं पातु गोविन्दः केशांश्च केशवः स्वयम् ॥
ॐ अजराय नमः
ॐ भवाय नमः