ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
शास्त्रीय पौराणिक मंत्र

शिव मंत्र

ॐ पूर्वां दिशं कृष्णरता पातु।

साधना मंडल

जप, संकल्प और उपासना संकेत

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प्रकाररक्षा कवच मंत्र;
स्वरूपकृष्णरता
अर्थ एवं भावार्थ

इस मंत्र का अर्थ

कृष्ण में रत रहने वाली देवी पूर्व दिशा में मेरी रक्षा करें।

लाभ एक दृष्टि में

इस मंत्र से क्या होगा?

01

अंग: पूर्व दिशा की रक्षा

विस्तृत लाभ

अंग: पूर्व दिशा की रक्षा।

टिप्पणी

इस कवच के मंत्रों को न्यास (शरीर के अंगों को स्पर्श करते हुए) के रूप में जपा जाता है।

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