शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ रामकथालोलाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
जप काउंटर लोड हो रहा है...
स्वरूपकथा-प्रेमी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जहाँ भी श्री राम की कथा होती है, वहाँ सुनने के लिए सदैव आतुर रहने वाले।
जप काल
नित्य प्रातः काल, लाल आसन पर बैठकर रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से 108 नामों का क्रमशः उच्चारण करते हुए पुष्प अर्पित करें।
इसे भी पढ़ें
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ महते नमः
ॐ नवदुर्गायै नमः ॐ महाकाल्यै नमः ॐ ब्रह्माविष्णुशिवात्मिकायै नमः।
दोर्भिर्युक्ता चतुर्भिः स्फटिकमणिनिभैरक्षमालान्दधाना। हस्तेनैकेन पद्मं सितमपि च शुकं पुस्तकं चापरेण॥ भासा कुन्देन्दुशङ्खस्फटिकमणिनिभा भासमानाऽसमाना। सा मे वाग्देवतेयं निवसतु वदने सर्वदा सुप्रसन्ना॥
ॐ कस्तूरीसौरभामोदायै नमः
ॐ वश्याय नमः
य्लूं (Ylūm)