शिव मंत्र
ॐ रावणेशस्तोत्रसाममनोहराय नमः
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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इस मंत्र का अर्थ
रावण द्वारा गाए गए साम-स्तोत्र से प्रसन्न होने वाले को नमन।
इस मंत्र से क्या होगा?
संगीत की विद्या में प्रवीणता और स्वर-सिद्धि
विस्तृत लाभ
संगीत की विद्या में प्रवीणता और स्वर-सिद्धि।
अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ कृष्णचित्तहरायै देव्यै नमः
ॐ कमलाकरतोषितायै नमः
ॐ ज्वलन्नेत्राय नमः।
ॐ सिद्धयै नमः
देवीं सरस्वतीं सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं देवीं देवीं सरस्वतीं वाजेभिः॥ सरस्वतीं वाजेभिर्वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिस्सरस्वतीं सरस्वतीं वाजेभिर्वाजिनीवतीं॥ वाजेभिर्वाजिनीवतीं वाजिनीवतीं वाजेभिर्वाजेभिर्वाजिनीवतीं। वाजिनीवतीति वाजिनी-वती॥
स्वदन्त पाशाङ्कुश रत्नपात्रं करैर्दधानो हरिनीलगात्रः । रक्तांशुको रत्नकिरीटमाली भूत्यै सदा मे द्विमुखो गणेशः ॥