शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ साधकप्रचुरानन्दसम्पत्सुखदायै नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारसहस्रनाम स्तोत्र मंत्र (दशमहाविद्या)
स्वरूपदशमहाविद्या काली / करालवदना काली
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो साधक को प्रचुर मात्रा में परमानंद, भौतिक संपदा और पूर्ण सुख प्रदान करती हैं।
जप काल
देवी की मूर्ति, यंत्र या चित्र के सम्मुख 'ककारादि सहस्रार्चन' विधि द्वारा।
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
सहस्रशीर्षा पुरुषः सहस्राक्षः सहस्रपात्
ॐ गान्धर्वायै नमः
ॐ ह्रीं क्लीं वाण्यै स्वाहेति मम पृष्ठं सदाऽवतु। (स्वरूप: वाणी | लाभ: पीठ और मेरुदंड की रक्षा | अर्थ: वाणी मेरी पीठ की सदा रक्षा करें) 8
वृत्तोत्फुल्लविशालाक्षं विपक्षक्षयदीक्षितम्। निनादत्रस्तविश्वाण्डं विष्णुमुग्रं नमाम्यहम्॥
को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो॥
ॐ रां रां