शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
शिव मंत्र
ॐ सर्वगाय नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपसर्वव्यापी
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सर्वत्र अपनी चेतना से गमन करते हैं (सर्वव्यापी हैं)।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सुरक्षा
विस्तृत लाभ
सुरक्षा
जप काल
नित्य
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ गोविन्दाय नमः
ॐ गन्धर्वकुलपावन्यै नमः
ॐ ह्रीं विद्यास्वरूपायै स्वाहा मे पातु नाभिकाम्। (स्वरूप: विद्यास्वरूपा | लाभ: नाभि, मणिपूर चक्र और नाद के उद्गम स्थान 'पश्यन्ती' वाक् की रक्षा | अर्थ: विद्यास्वरूपा मेरी नाभि की रक्षा करें) 8
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं सिद्ध लक्ष्म्यै नमः।
ॐ पुण्यात्मने नमः
ॐ लक्ष्याय नमः।